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Press Release 1 : 08.09.2017-Delhi State | Bharatiya Janata Party

Press Release 1 : 08.09.2017-Delhi State

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Published: 08/09/17 11:52 AM by Delhi BJP

DELHI BJP CONDEMNS ARVIND KEJRIWAL GOVERNMENT FOR BLACKMAILING AND INTERFERING IN FUNCTIONING OF DELHI UNIVERSITY COLLEGES BY STOPPING AID FUNDS WITH INTENT TO IMPOSE ITs CADRE ON GOVERNING BODIES OF 28 COLLEGES

 

New Delhi, 8th Sept.  Delhi BJP President Shri Manoj Tiwari has said it seems Delhi's Arvind Kejriwal Government in its greed for political takeover of Delhi University's 28 Colleges which have been receiving aid from the state government has lost all moral value and respect for the functioning and autonomy of Delhi University.

 

Raising the issue of a letter sent by a Delhi Government's Education Department to the Registrar of Delhi University the Delhi BJP President Shri Manoj Tiwari has said that every word of the letter reflects the political frustration of the Kejriwal Government and looks like an attack on the autonomous status of the Delhi University.

 

Shri Tiwari has said it is a matter of concern that Kejriwal Government in its letter of threat to the Delhi University Registrar has openly said that Funds to the 28 fully aided colleges will not be released till the University accepts Delhi Government's proposal on constitution of Governing Bodies according to its own wishes. 

 

Further the letter has put on halt the process to recruit not only permanent but even ad hoc teachers for the 28 colleges.

 

Shri Tiwari said as a result Kejriwal Government's 30th August 2017 letter the teaching process in all of these 28 Colleges will collapse within next few days jeopardizing the careers of lakhs of students and over 2000 teaching & non teaching staff of these colleges.

 

In the upcoming festive month of October it will be almost impossible to give salaries to the staff in absence of financial aid from the government. It's also a conspiracy to disturb the teaching & learning process of the students most from economically poor background.

 

Shri Tiwari questioned the move since AAP had promised in its manifesto to open more colleges in Delhi but in last 2 years & 9 months they have drawn up no plans for opening of new colleges and today due to the Government's misacts 28 Colleges are on a verge of closure.

 

Shri Manoj Tiwari has said it seems apart from trying for political takeover of these 28 Colleges the Aam Aadmi Party is all out to take revenge on students of Delhi University for political rejection of its student’s wing in last 2 years.

 

Shri Tiwari has asked the Kejriwal government to not to interfere in the temple of learning and demanded immediate release of their grants and aid. 

 

Shri Tiwari has also appealed to the Lt. Governor of Delhi to intervene as this a serious matter of public concern.

 

Encl: Letter

(MAHESH VERMA)                                                                 

Head of Media Department  

+919013336116                                                           

(PRAVEEN SHANKAR KAPOOR)  

Co-Head of Media Department   

+919811040330

अपने राजनीतिक कार्यकर्ताओं को काॅलेजों की गवर्निंग बाॅडी में थोपने के लिये अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय की स्वायत्ता को चुनौती देना और 28 काॅलेजों की आर्थिक स्वायत्ता बंद किया जाना पूर्णतया निंदनीय है 

    नई दिल्ली, 08 सितम्बर।  दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी ने कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि अरविंद केजरीवाल सरकार, दिल्ली के जिन 28 काॅलेजों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है उनकी राजनीतिक अधिग्रहण करने के लालच में विश्वविद्यालय की स्वायत्ता और सुचारू रूप से कार्य करने के आदर्श के प्रति सम्मान खो बैठी है।   

    दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को भेजे गये पत्र के मुद्दे को उठाते हुये दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी ने कहा है कि पत्र का प्रत्येक शब्द केजरीवाल सरकार की राजनैतिक हताशा को दर्शाता है और यह दिल्ली विश्वविद्यालय की स्वायत्ता पर आघात प्रतीत होता है। 

    श्री तिवारी ने कहा है कि यह चिंता की बात है कि सरकार ने दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को धमकी भरे पत्र में खुलेआम कहा है कि पूर्णतः सहायता प्राप्त 28 काॅलेजों को तब तक धन आवंटित नहीं किया जायेगा जब तक कि विश्वविद्यालय इन काॅलेजों के गर्वनिंग बाॅडीज के गठन संबंधी दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को उनकी इच्छानुसार स्वीकार नहीं कर लेता है। 

    इसके अतिरिक्त इस पत्र में इन 28 काॅलेजों में न केवल स्थाई बल्कि अस्थाई शिक्षिकों की भी नियुक्ति की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। 

    श्री तिवारी ने कहा है कि 30 अगस्त, 2017 को केजरीवाल सरकार द्वारा लिखे गये पत्र के परिणाम स्वरूप अगले कुछ ही दिनों में इन 28 काॅलेजों में शिक्षण का कार्य ठप्प हो जायेगा जिससे हजारों छात्रों का भविष्य ही नहीं बल्कि इन काॅलेजों में कार्यरत 2000 से अधिक शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों का भविष्य खतरे में पड़ जायेगा। 

    त्यौहारों के अगले महीने में सरकार से वित्तीय सहायता न मिलने के कारण शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन देना भी लगभग असंभव हो जायेगा। यह आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा को अवरूद्ध करने का एक षडयंत्र भी है। 

    श्री तिवारी ने इस कदम पर प्रश्न उठाया है क्योंकि आम आदमी पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में दिल्ली में और अधिक कालेज खोलने का वादा किया था किन्तु पिछले 2 वर्ष और 9 महीनों में उन्होंने नये काॅलेज खोलने की कोई योजना नहीं बनाई है और आज सरकार के इस गलत कदम से 28 काॅलेज बंद होने के कगार पर हैं। 

    श्री तिवारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि इन 28 काॅलेजों के राजनैतिक अधिग्रहण का प्रयास करने के अलावा आम आदमी पार्टी, पिछले 2 वर्षों में उसकी छात्र इकाई को दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा  अस्वीकार किये जाने के कारण बदला भी लेना चाहती है। 

    श्री तिवारी ने केजरीवाल सरकार से कहा है कि शिक्षा के मंदिर में हस्तक्षेप न करें और उन्हें वित्तीय सहायता शीघ्र देना प्रारम्भ करे। 

    श्री तिवारी ने दिल्ली के उपराज्यपाल से भी हस्तक्षेप करने की अपील की है क्योंकि यह जनहित का एक गंभीर मुद्दा है।

संलग्न: पत्र।   

(महेश वर्मा)

प्रमुख, मीडिया विभाग                                
9013336116

(प्रवीण शंकर कपूर)

सह-प्रमुख, मीडिया विभाग

9811040330 

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