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Press Release:09.07.2017-Delhi State | Bharatiya Janata Party

Press Release:09.07.2017-Delhi State

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Published: 09/07/17 3:42 PM by Delhi BJP
“असहिष्णुता से सामूहिक हत्या कांड-किस तरह दुषप्रचार किया जाता है“ विषय पर दिल्ली भाजपा कार्यालय में आयोजित परिचर्चा को डाॅ. संबित पात्रा एवं श्रीमती मोनिका अरोड़ा ने किया संबोधित

ममता बैनर्जी की सरकार बंगाल में जो राजनीतिक खेल, खेल रही है उसके चलते वहां के बहुसंख्यक एवं अल्पसंख्यक समुदाय में जो दरार उत्पन्न हो रही है वह धीरे-धीरे अपाटनीय हो जायेगी और इस कुकृत्य के लिये भारत की जनता ममता बैनर्जी को कभी माफ नहीं करेगी-मनोज तिवारी


    नई दिल्ली, 9 जुलाई।   दिल्ली भाजपा की मीडिया सेल ने आज एक सेमीनार का आयोजन किया जिसका विषय था असहिष्णुता से सामूहिक हत्या कांड-किस तरह दुषप्रचार किया जाता है। दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष श्री राजीव बब्बर ने प्रारम्भिक चर्चा के साथ सेमीनार में उपस्थित लोगों का विषय से परिचय कराया। प्रदेश प्रवक्ता श्री तजिन्दर बग्गा ने सेमीनार का संचालन किया। प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अभय वर्मा, श्रीमती शाज़िया इल्मी, मीडिया प्रमुख श्री प्रवीण शंकर कपूर, प्रवक्ता श्री नवीन कुुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं प्रबुद्धजन उपस्थित थे।  

    दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता डाॅ. संबित पात्रा एवं प्रसिद्ध अधिवक्ता डाॅ. मोनिका अरोड़ा ने विषय पर अपने विचार रखे और खेद प्रकट किया कि कुछ राजनीतिक दल अपना वर्चस्व बनाये रखने के लिये देश के बहुसंख्यक धार्मिक समुदाय को सांप्रदायिक दर्शाने में लगे हैं और दुख प्रकट किया कि कुछ बुद्धिजीवी एवं मीडिया का वर्ग इस दुष्प्रचार को प्रोत्साहन दे रहे हैं। 

    परिचर्चा की प्रथम वक्ता अधिवक्ता श्रीमती मोनिका अरोड़ा ने कहा कि यह मेरे लिये हर्ष का विषय है कि आज मैं समाज के ऐसे युवाओं के समक्ष बोलने को उपस्थित हूं जिनकी सोशल मीडिया पर वाणी एवं लेखनी इतनी प्रबल है कि इनके कारण मीडिया चाह कर भी अनेक मुद्दों को राजनीतिक दलों के हिसाब से नहीं चला पाता। 

    श्रीमती अरोड़ा ने कहा कि बंगाल अर्पण की भूमि है, तर्पण की भूमि है, जन-गन-गन से वंदेमातरम् की भूमि है, रविन्द्रनाथ टैगोर और सुभाष चंद्र बोस की भूमि है पर आज वहां जो कुछ हो रहा है उससे हर भारतीय का, हर बंगला मानुष का सर शर्म से झुक रहा है। बसीरहाट में एक नाबालिग नवयुवक की गलती को जिस तरह सांप्रदायिक तनाव बनाने के लिये इस्तेमाल किया गया, जिस तरह मंदिरों को, बहुसंख्यक समाज के लोगों के मकान-दुकान को जलाने का बहाना बनाया गया, उसे देखकर दुख होता है और उससे भी अधिक दुख होता है वहां की सरकार की बेशर्मी को देखकर। जिस तरह सुश्री ममता बैनर्जी ने केन्द्रीय सुरक्षा बलों को लगाने में कोताही की वह निंदनीय है। 

    उन्होंने कहा कि यह देख कर आश्चर्य होता है कि देश का, समाज का एक वर्ग है जो कश्मीर में सेना के प्रति, भारत के प्रति हिंसक आंदोलन करने वालों को, पत्थरबाजी करने वालों को भटका हुआ युवक बताकर मामले को दबाने का प्रयास करता है। वही लोग आज बसीरहाट के उस नाबालिग नवयुवक को युवक नहीं षडयंत्रकारी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। यह दुख का विषय है कि अखलाख या जुनैद के मारे जाने पर रुछवजप्दडलछंउम के प्रदर्शन करने वालों को बसीरहाट के कार्तिक के मारे जाने पर या केरल में एक शिक्षक के मारे जाने पर सांप क्यूं सूंघ जाता है। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यचकित करता है कि जे.एन.यू. में भारत के टुकड़े होंगे के नारे लगाने से रोका जाना अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला कहलाता है पर यदि बसीरहाट का कार्तिक कुछ बोलता है तो उसको अभिव्यक्ति की आजादी देने को कोई तैयार नहीं। 

श्रीमती अरोड़ा ने अपनी चर्चा का समापन करते हुये कहा कि देश में अवार्ड वापसी गैंग राजनीतिक दलों को सहयोग देने के लिये काम करता है और एक ऐसा वातावरण बनाने का प्रयास किया जा रहा है जिससे दुनिया को लगे कि भारत में महिलायें एवं अल्पसंख्यक असुरक्षित हैं पर वह समझ लें कि विवेकानंद, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय एवं अटल बिहारी वाजपेयी के दिये संस्कारों से पोषित श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार देश में सांप्रदायिकता को कभी भी बढ़ने नहीं देगी और सब को साथ लेकर चलेगी।   

    भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डाॅ. संबित पात्रा ने परिचर्चा में अपने सत्र का प्रारम्भ गुरूबाणी के एक शब्द कोई बोले राम-राम, कोई खुदाई, कोई सिर्फ साइयां, कोई अनाम सुनाकर किया। उन्होंने कहा कि भारत एक सर्व धर्म देश है जहां हर धर्म के व्यक्ति ने देश की आजादी के लिये कुर्बानी दी पर दुख का विषय है कि आजादी के बाद बने हिन्दुस्तान में समय-समय पर राजनीतिक जयचंद देश को कमजोर करने के लिये षडयंत्र करे हैं। उन्होंने कहा रुछवजप्दडलछंउम गैंग हो या फिर अवार्ड वापसी गैंग मैं इनकी तुलना रूदालियों से करता हूं। जिस तरह राजस्थान में रूदाली मृत्यु के पश्चात रो कर पैसा कमाती थीं वैसे ही ये रुछवजप्दडलछंउम गैंग हो या फिर अवार्ड वापसी गैंग यह सभी इन्सानों की दुखद मृत्यु पर राजनीतिक लाभ जुटाने के लिये आंसू बहाते हैं। 

    डाॅ. संबित पात्रा ने कहा कि आज देश में दो विचारधारायें हैं, एक जिनका राष्ट्रवादी आदर्श है तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन दो-चार रहे न रहें और दूसरी ओर वह लोग और उनके समर्थक हैं जो नारा लगाते हैं अफज़ल हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं। उन्होंने कहा कि हर भारतीय आज पहचान रहा है उनको जो भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक को या फिर कश्मीर में आतंकवाद के विरूद्ध कार्यवाही को चुनौती दे रहे हैं, गिलानी से गले मिल रहे हैं या सैफुद्दीन की सोच का समर्थन कर रहे हैं। कांग्रेस के कुछ नेताओं जिन्होंने सेना की कार्यवाही पर टिप्पणियां कीं का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि संजय निरूपम हों या संदीप दीक्षित यह बिना कांग्रेस परिवार के मुखिया गांधी परिवार के अनुमोदन के बिना ऐसा नहीं बोल सकते। डाॅ. पात्रा ने कहा कि यह अजीब स्थिति है कि कश्मीर से जब पंडितों को बाहर निकाला जाता है तो कश्मीरियत पर कोई खतरा नहीं होता पर जब सेना आतंकवादियों पर कार्यवाही करती है तो कश्मीरियत खतरे में आ जाती है। 

    बंगाल का जिक्र करते हुये डाॅ. पात्रा ने कहा कि जब हम बंगाल का ध्यान करते हैं तो हमारी आंखों के सामने आनन्द मठ के दृश्य घूम जाते हैं जिनमें हिन्दु और मुसलमान एक साथ वंदेमातरम् गाते हैं पर आज उसी बंगाल में बहुसंख्यक स्वयं को असुरक्षित पाते हैं क्योंकि स्थानीय सरकार राजनीतिक खेल, खेल रही है। शर्म का विषय है कि बंगाल की मुख्यमंत्री सेना की एक वार्षिक क्रिया को सैन्य षडयंत्र का नाम देने का प्रयास करती हैं, असल में जो लोग खुद षडयंत्र करते हैं, उन्हें हर चीज में षडयंत्र नजर आता है। 

    डाॅ. पात्रा ने कहा यह दुख का विषय है कि ममता बैनर्जी सरकार ने रामधनु का नाम बदलकर रंगुधनु कर दिया क्योंकि उसे इसमें राम शब्द में सांप्रदायिकता नजर आई पर उसी सरकार ने कक्षा 3 की पुस्तकों में माँ और पिता शब्द के स्थान पर अम्मी और अब्बा लिखवाया तो कोई सांप्रदायिकता नहीं हुई। यह दुख का विषय है कि जिस राज्य मंें दुर्गा विसर्जन एवं मोहरम अनेकों बार आस-पास हुये वहां की सरकार ने अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के लिये दुर्गा विसर्जन पर रोक लगाने का प्रयास किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की एक कविता के अंश को रख डाॅ. संबित पात्रा ने अपने सत्र का समापन करते हुये कहा सबका साथ-सबका विकास भारतीय मिट्टी की सुगंध में बसता है और यही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की राष्ट्र सेवा का मूलमंत्र है। भारत विश्वगुरू था, है और रहेगा।      

श्री मनोज तिवारी ने कहा कि यह दुखद है कि चुनावी राजनीति के चलते कुछ राजनीतिक दल समाज में एक धार्मिक वर्ग विशेष को विपत्तिग्रस्त दिखाकर उनके वोट सहजने की कोशिश करते हैं और इसके चलते वह देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब को भी पूरी तरह नष्ट करने में भी संकोच नहीं करते। उन्होंने कहा कि गत वर्ष एक राज्य के चुनाव के समय देश में असहिष्णुता की चर्चा ऐसे की गई मानों भारत में अल्पसंख्यक समुदाय पर कितना अत्याचार हो रहा हो, ऐसा करने वालों ने यह भी नहीं सोचा कि इससे भारत को कितनी अंतर्राष्ट्रीय हानि हो सकती है। इसी वर्ष के प्रारम्भ में पुनः एक अन्य राज्य के चुनाव के समय भी ऐसे ही प्रयास दोहराए गये। 

    श्री तिवारी ने कहा कि आजकल जो कुछ हम बंगाल में देख रहे हैं वह वहां की सरकार की सोची समझी साजिश का परिणाम है। बंगाल जो कि भारत की पहली सांस्कृतिक राजधानी की तरह देखा जाता है, जिस राज्य ने इस देश को वंदेमातरम् का राष्ट्रीय गीत दिया और जहां भारत की शिक्षा सभ्यता का उदय हुआ आज वहां केवल राजनीतिक लाभ-हानि को देखकर राज्य सरकार बहुसंख्यक धार्मिक समाज के उत्पीड़न पर मौन धारे बैठी है। उन्होंने कहा कि ममता बैनर्जी की सरकार बंगाल में जो राजनीतिक खेल, खेल रही है उसके चलते वहां के बहुसंख्यक एवं अल्पसंख्यक समुदाय में जो दरार उत्पन्न हो रही है वह धीरे-धीरे अपाटनीय हो जायेगी और इस कुकृत्य के लिये भारत की जनता ममता बैनर्जी को कभी माफ नहीं करेगी।  

    श्री तिवारी ने कहा कि गत 3 वर्ष में देश की जनता ने अनेक राजनीतिक दलों को ओछी सांप्रदायिकता बढ़ाने वाली राजनीति करते हुये देखा है पर जैसी राष्ट्रविरोधी राजनीति बंगाल में ममता बैनर्जी ने और दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने की है वह देश को शर्मशार करती है। नोटबंदी हो या अलगाववाद दोनों के समर्थन में इन दोनों नेताओं की जुगलबंदी देखते ही बनती है। 

    दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सौभाग्य से आज गुरूपूर्णिमा है एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का स्थापना दिवस, ऐसे दिन हुआ यह सेमीनार एक विशेष महत्व रखता है और संदेश देता है कि भारतीय चरित्र जोड़ने का है, तोड़ने का नहीं। आज भारत के पास एक ऐसे यशस्वी प्रधानमंत्री हैं जो पड़ोसी देश के सभी कुकृत्यों को भूलकर वहां के प्रधानमंत्री की बेटी की शादी में अकेले पहुंच जाते हैं तो इजराइल की यात्रा पर भी बेझिझक जाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश न सिर्फ आतंकवाद और अलगाववाद का अंत करेगा बल्कि ऐसे राजनीतिक दलों का भी अब जनता अंत करेगी जो वोटों के लिये सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ते हैं। 

    श्री राजीव बब्बर एवं श्री तजिन्दर बग्गा ने परिचर्चा की पृष्ठभूमि रखते हुये कहा कि यह दुखद है कि देश में अनेक समस्यायें हैं, सरकार समाज के हर वर्ग को विकास देने के लिये प्रयासरत है खासकर दलितों को, शोषितों को और अल्पसंख्यक महिलाओं को भी पर कुछ राजनीतिक दल और मीडिया का एक वर्ग विशेष सरकार के मार्ग में अवरोध लगाने के लिये काम कर रहे हैं।    
 

(प्रवीण शंकर कपूर)
मीडिया प्रमुख
09811040330

Manoj Tiwari, Sambit Patra, Monika Arora Address

Delhi BJP MEDIA CELL SEMINAR ON From Intolerance to Mob Lynching-How Propaganda Machinery Works

 

The Political Game Being Played By The Mamta Banerjee Government Has Created A Divide Between The Majority And Minority Community And Gradually It Will Become Impossible To Unite Them And The People Of The Country Will Never Forgive Mamta Banerjee For It – Manoj Tiwari

 

New Delhi, 9th July.  Delhi BJP Media Cell today organized a seminar on the topic FromIntolerance to Mob Lynching-How Propaganda Machinery Works at Delhi BJP Office. Delhi BJP Vice President Shri Rajiv Babbar put across the topic at the seminar moderated by Party Spokesperson Shri Tajinder Bagga. Delhi BJP Vice President Shri Abhay Verma, Smt. Shazia Ilmi, Media Incharge Shri Praveen Shankar Kapoor, Spokesperson Shri Naveen Kumar

 

Delhi BJP President Shri Manoj Tiwari, BJP National Spokesperson Dr. Sambit Patra & Advocate Smt. Monika Arora spoke on the topic highlighting how some political parties are trying to create an atmosphere accusing the majority religious community of the country as a communal community and expressed regret that a small section of intelligentsia & media have fallen prey to such political parties.

 

Shri Manoj Tiwari has said that it is regrettable that for electoral politics some political parties try to secure votes of some religious groups in distress and in doing so they do not hesitate in destroying the Ganga-Jamuni culture of the country. He said that last year during elections in a state there was wide discussion about intolerance in the country as if there was atrocity against the minority community. The persons doing so did not think that the how much India will lose at the international level. In the beginning of this year also during the elections in another state such attempts were made again.

 

Shri Tiwari said that whatever we see in Bengal today is the result of a planned conspiracy of the Government. Bengal was seen as the first cultural capital of the country, the state which gave the National Song Vandematram and which led the country in education and culture the present Government is mum on the atrocities against the majority community only for its political benefit. He said that the political game being played by the Mamta Banerjee Government has created a divide between the majority and minority community and gradually it will become impossible to unite them and the people of the country will never forgive Mamta Banerjee for it.

 

Detailed Text Attached..

 

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