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Press Release1:10.05.2017-Delhi State | Bharatiya Janata Party

Press Release1:10.05.2017-Delhi State

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Published: 10/05/17 6:11 PM by Delhi BJP
सदन कार्यवाही नियमों के अनुसार सदस्य मोबाइल फोन लेकर भी सदन में नहीं जा सकते तो मशीन कैसे पहुंची
भाजपा दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल को ज्ञापन देकर शिकायत कर जांच की मांग करेगी कि किस तरह विधायक सौरभ भारद्वाज अनधिकृत ई.वी.एम. मशीन लेकर सदन में पहुंचे
नई दिल्ली, 10 मई।  दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी ने सांसद श्री रमेश बिधूड़ी एवं पूर्व विधायक सरदार अरविन्दर सिंह लवली के साथ आज एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित किया और कहा कि कल जिस तरह दिल्ली विधानसभा में अनधिकृत रूप से ई.वी.एम. मशीन लेकर विधायक सौरभ भारद्वाज ने प्रवेश किया और विधानसभा अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उसका नकली हैकिंग प्रदर्शन किया तथा सदन ने बेलेट पेपर से चुनाव कराने संबंधी गैर कानूनी प्रस्ताव पारित किया, दिल्ली भारतीय जनता पार्टी उसकी कड़ी निंदा करती है।  भाजपा नेताओं ने कहा कि हम दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल को इस संदर्भ में शिकायत भी करेंगे और जांच की मांग भी करेंगे कि किस तरह विधायक अनधिकृत ई.वी.एम. मशीन लेकर सदन में पहुंचे।  प्रदेश महामंत्री श्री कुलजीत सिंह चहल एवं मीडिया प्रमुख श्री प्रवीण शंकर कपूर भी उपस्थित थे।
श्री मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में ई.वी.एम. प्रदर्शन को लेकर जो कुछ कल हुआ वह न सिर्फ विधायी व्यवस्था का अपमान है बल्कि इसने भारत के चुनाव आयोग एवं चुनाव व्यवस्था को मिले अंतर्राष्ट्रीय सम्मान एवं प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है।
श्री तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली अधिनियम 1991 की धारा 6 (2) में यह स्पष्ट है कि विधानसभा का सत्र बुलाने, उसे स्थगित करने या सत्रावसान करने का अधिकार केवल दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल के अधीन है पर अरविन्द केजरीवाल सरकार ने सभी विधायी व्यवस्थाओं की अवमानना कर गत दो वर्ष से सदन सत्रावसान की औपचारिकता पूरी नहीं की है।  सदन की बैठक स्थगित कर दी जाती है पर माननीय उपराज्यपाल को सूचित नहीं किया जाता है क्योंकि अगर उन्हें सूचित करेंगे तो पुनः सत्र बुलाने की अनुमति उनसे लेनी होगी।
श्री तिवारी ने कहा कि सदन की कार्यवाही के नियमों के अनुसार कोई विधायक कोई भी निषिद्ध वस्तु सदन में लेकर नहीं जा सकता।  संसदीय एवं विधायी कार्यवाही नियमों के अनुसार पानी का गिलास भी सदन पटल पर केवल सदन अध्यक्ष की अनुमति से रखा जा सकता है, ऐसे में एक विधायक किस प्रकार सदन के भीतर एक नकली ई.वी.एम. मशीन लेकर पहुंचा यह एक जांच का विषय है ?  
श्री तिवारी ने कहा है कि अपने तुगलकी स्वभाव के चलते अरविन्द केजरीवाल पहले अपने दल के संस्थापक साथियों से अलग हुये, फिर अपने विधायक मंडल से कटे एवं उन्हें साथ बनाये रखने के लिए बार-बार राजनीतिक रेवड़ियां बांटनी पड़ती हैं और भ्रष्ट कुशासन के चलते जनता से भी पूरी तरह कट गये हैं। 
श्री तिवारी ने कहा है कि आज अरविन्द केजरीवाल ने अपनी पार्टी को जिस स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है शायद उनका हर साथी उनको एक प्रसिद्ध शेर “तू इधर उधर की न बात कर, यह बता कि काफिला क्यों लुटा, मुझे रहजनों से गिला नहीं, तेरी रहबरी का सवाल है“ सुनाकर पूछना चाहता है कि आखिर आप कब समझोगे कि आपकी तुगलकी-अराजक विकास विहीन राजनीति के चलते जनता आम आदमी पार्टी से पूरी तरह कट चुकी है।
श्री तिवारी ने कहा कि केजरीवाल सरकार आज पूरी तरह भ्रष्टाचार के दलदल में धस चुकी है और अपने भ्रष्टाचार एवं कुशासन से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ई.वी.एम. का तमाशा कर रही है।  उन्होंने कहा कि कल जो कुछ विधानसभा में हुआ उसे अगर आम आदमी की भाषा में कहें तो नकली लोगों द्वारा नकली मशीन का नकली प्रदर्शन था।  
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारत के इतिहास में यह पहली बार है कि एक मंत्री ने अपने मुख्यमंत्री पर रिश्वत लेने के आरोप लगाये हैं और जिस तरह कल हमनें विधानसभा में मुख्यमंत्री को लड़खड़ाती आवाज में बोलते सुना वह कहीं न कहीं मंत्री कपिल मिश्रा के आरोपों की सच्चाई को इंगित करता है।
सरदार अरविन्दर सिंह लवली ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल सरकार ने विधानसभा के सत्रावसान को टाला है और बार-बार विशेष आपातकालीन सत्र बुला कर व्यवस्थाओं का मजाक उड़ाया है।  इतिहास साक्षी है कि 1993 से 2013 तक 20 वर्ष में केवल 3 बार विशेष परिस्थितियों के चलते विशेष सदन बैठकें आहूत हुईं, पहली बार जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली में डीजल बसों के चलने पर प्रतिबंध लगाया तो नई व्यवस्था गठित करने के लिए सदन बुलाया गया।  दूसरी बार सदन नियमों में संशोधन के लिए तो तीसरी बार निगम विभाजन के लिए विशेष सदन की बैठकें आहूत हुईं।
सरदार अरविन्दर सिंह लवली ने कहा कि उपरोक्त उदाहरण स्पष्ट करते हैं कि केवल दिल्ली से जुड़े विशेष परिस्थिति के कारणों से ही आपात बैठक आहूत की जा सकती हैं पर गत दो वर्ष में जिस तरह केजरीवाल सरकार ने 5 से 6 विशेष सदन बैठकें आहूत कर दी हैं उसने विधानसभा की बैठकों की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।  
उन्होंने कहा कि विधानसभा के कार्य संचालन नियम 61 (25) के अंतर्गत किसी भी सूचीबद्ध वस्तुओं के अतिरिक्त किसी भी वस्तु को लेकर विधायक भी सदन में प्रवेश नहीं कर सकते।  इसका उदाहरण है कि 2013 में जब आम आदमी पार्टी के विधायक पार्टी की टोपी पहनकर सदन में आये तब तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष की आपत्ति के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों की टोपियां उतरवा दी थीं।
श्री रमेश बिधूड़ी ने पत्रकारों के समक्ष कहा कि अब केजरीवाल दल ई.वी.एम. प्रदर्शन कर ले या फिर केन्द्र एवं भाजपा पर दोषारोपण कर लें पर सत्य यह है कि उनकी काठ की हांडी अब जल चुकी है।  2015 में केजरीवाल दल को 52 प्रतिशत मत मिले थे जो विकास विहीन राजनीतिक के चलते 2017 निगम चुनाव में घट कर 26 प्रतिशत और यदि आज दिल्ली में विधानसभा चुनाव हों तो केजरीवाल दल 13 प्रतिशत में सिमट जायेगा। 
   
          
 
(प्रवीण शंकर कपूर)
मीडिया प्रमुख
09811040330 

As per House rules a Member cannot even take a Mobile phone inside then how did the fake EVM get in

DELHI BJP TO SUBMIT A COMPLAINT TO THE LT. GOVERNOR AND DEMAND ENQUIRY AS TO HOW MLA SOURABH BHARDWAJ ENTERED THE ASSEMBLY HOUSE WITH A FAKE E.V.M.

 

New Delhi, 10th May.   BJP Delhi Pradesh President Shri Manoj Tiwari along with MP Shri Ramesh Bidhuri and former MLA Sardar Arvinder Singh Lovely addressed a Press Conference today and said that Delhi BJP strongly condemns MLA Sourabh Bhardwaj’s unauthorized entry with a fake E.V.M. into the Delhi Legislative Assembly who gave a fake hacking demo in the presence of Speaker and the Chief Minister and the subsequent passing of an illegal resolution for conducting elections through ballot papers. BJP leaders said that we shall complain to the Hon’ble Lt. Governor in this connection and demand inquiry into the unauthorized entry of the MLA with fake E.V.M. in the Assembly. Pradesh General Secretary Shri Kuljeet Singh Chahal and Media Incharge Shri Praveen Shankar Kapoor were present on this occasion.        

 

Shri Manoj Tiwari said that whatever happened with the E.V.M. in the Delhi Assembly is not only insult to the Legislative process but also insult to the Election Commission of India and widely respected the Electoral System of India at international level.  

 

Shri Tiwari said that under the Section-6 (2) of NCT of Delhi Act, 1991, it has been clearly provided that the power to call, suspend or prorogue the session of the Assembly shall vest unto the Lt. Governor of Delhi but ignoring all the constitutional provisions Arvind Kejriwal Government has not got issued the proclamation to prorogue the session. The House meetings are adjourned and recalled without informing the Lt. Governor of Delhi because if the adjournment is intimated to him then it would become mandatory to take his approval to call a new session.          

 

Shri Tiwari said that as per the rules of the House no member can bring a prohibited item in the House. As per the Parliamentary proceedings rules even a glass of water can be placed on the table of the House only with the permission of the Speaker and here it is surprising matter which needs to be inquired as to how the MLA managed to enter the House with a fake E.V.M.   

 

Shri Tiwari said that due to his despotic nature many of his founder members deserted Arvind Kejriwal, many member of his Legislature Party started avoiding him and he has to give them lucrative political appointments again and again to keep them in the party and the people are totally disconnected due to his corrupt administration.

 

Shri Tiwari has said that the situation in which Arvind Kejriwal has put his party today perhaps every colleague will quote him famous Urdu Sher Tu Idhar Udhar ki na Baat Kar, Yeh Bataa ki Kaafila Luta Kyun, Mujhe Rehjano se Gila Nahi, Teri Rehbari ka Sawal hai” and ask him when will he understand that due to despotic-anarchic, anti-development politics people are completely disconnected with him.

 

Shri Tiwari said that the Kejriwal Government stands inundated in corruption and the EVM Tamasha has been done to divert the attention of the people from the allegations of corruption and mis-governance. He said that whatever was witnessed in the Vidhansabha yesterday if we describe in common language it was a fake demonstration of a fake EVM by fake people.

 

Delhi BJP President said that in the history of the country it is for the first time that a Minister has accused his Chief Minister of corruption and the way we saw the Chief Minister speaking in feeble voice in the Assembly yesterday it appears that there is truth behind Minister Kapil Mishra’s allegations.

 

Sardar Arvinder Singh Lovely said the way Arvind Kejriwal Government has not allowed proclamation to prorogue the House and repeatedly calls special and urgent sessions has made a mockery of Legislative arrangements. History is witness that between 1993 to 2013 in 20 years only thrice did any Government call a special session of the Assembly. First when the Hon’ble Supreme Court banned the plying of Diesel buses in Delhi, second time it was convened to amend the House rules and the third time to trifurcate the MCD.

 

Sardar Lovely said that above examples evidently show that the special emergent sessions can be called only on unavoidable public interest reason but the way Kejriwal Government has called 5 to 6 special sessions during last 5 years, it has downgraded the dignity of the assembly meetings.

 

He said that as per Assembly’s Conduct of Business Rules 61 (25) not even a MLA can enter the House with any non listed or prohibited item. He cited an example of 2013 when Aam Aadmi Party MLAs entered the House wearing their party caps but after the objection of the then Leader of the Opposition the Speaker directed the MLAs to remove their caps which were a prohibited item.

 

Shri Ramesh Bidhuri said that now Kejriwal may either give a demo of E.V.M. or accuse the Central Government and the BJP but the reality is that his falsehood has been exposed. In the 2015 Assembly election Kejriwal’s Party secured 52% votes which came down to 26% in 2017 Corporation Elections due to anti development politics and if today Assembly Elections are held then Kejriwal’s party will not get more than 13% votes.    

 

(Praveen Shankar Kapoor)

Media Incharge

+919811040330

 

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